सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली में तैनात उपपंजीयक अशोक सिंह परिहार की सेवा समाप्त कर दी गई है। कार्रवाई तीन संतान होने का तथ्य छिपाने के आधार पर की गई है। उप पंजीयक स्टांप ड्यूटी में करोड़ों की हेराफेरी सहित कई आरोपों का पहले से सामना कर रहे थे। मध्य प्रदेश सरकार ने 26 जनवरी 2001 से सरकारी कर्मचारियों के लिए दो संतान की नीति लागू कर रखी है। इसके विपरीत तीसरी संतान होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन का प्रावधान है। जानकारी के अनुसार महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मध्यप्रदेश भोपाल ने उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। बताया जाता है कि उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को 2002 के बाद तीसरी संतान होने की शिकायत की गई थी, जिसकी विभागीय जांच चल रही थी। डीएम सिंगरौली की जांच में आरोपी परिहार के तीन संतान होने की पुष्टि हुई। डीएम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर पंजीयक विभाग ने गत 11 जून को अशोक सिंह परिहार को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। बताया जाता है कि सिंगरौली में लगभग आठ वर्षों से पदस्थ उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को एक करोड़ दस लाख रुपये से ज्यादा स्टांप चोरी के आरोप में निलंबित भी किया गया था।