नगवां ब्लॉक के मऊकला राजकीय हाईस्कूल में कथक का अभ्यास करतीं छात्राएं। स्रोत संवाद।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के तत्वावधान में राजकीय हाईस्कूल, मऊकला (नगवां) में आयोजित 15 दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। एक जुलाई से शुरू हुई इस कार्यशाला में 79 छात्र-छात्राओं ने कथक की प्रारंभिक तकनीकों और शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला का संचालन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका एवं कथक प्रशिक्षिका पूनम रानी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को कथक के इतिहास, महत्व और मूल सिद्धांतों से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को कथक की आधारभूत मुद्राएं, ताल, लय और भावाभिव्यक्ति का अभ्यास कराया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने कथक की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सीखे गए कौशल का प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी 79 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षिका पूनम रानी ने कहा कि कथक उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई पीढ़ी को शास्त्रीय कलाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से भी जोड़ते हैं। कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं में कथक सीखने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।