दुद्धी। तहसील क्षेत्र के अहिरबुड़वा गांव से सटे त्रिशूली ग्राम पंचायत के कुनरु व पचावल के महुआ घाट से बालू खनन के नाम पर अवैध खनन जारी है। कभी छत्तीसगढ़ सीमा में तो कभी यूपी सीमा के पांगन नदी में पोकलेन चलाकर बालू का खनन किया जा रहा है। अहिरबुड़वा के मनरुटोला के ग्रामीण आये दिन अवैध खनन का विरोध कर रहे हैं।लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहस्त्रत्त्ीं हो रही। उधर गुरुवार की रात छत्तीसगढ़ के त्रिशूली व पचावल ग्राम में ग्रामीणों ने भी जमकर बवाल किया। ग्रामीणों ने रात में गांव की सड़क पर धरना दिया और वहीं सो गए, ताकि कोई भी ओवरलोड वाहन संचालित न हो सके। धरना शुक्रवार की सुबह तक चला। इस दौरान सनावल थाना पुलिस सुरक्षा में तैनात रही। एनजीटी ने 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन पर प्रतिबंध लगाया है। जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण भी विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद त्रिशूली एवं पचावल के पांगन नदी से लगातार बालू खनन हो रहा है। इससे क्षुब्ध जिला पंचायत सदस्य रामचरित्र सोनवानी गुरुवार की रात त्रिशूली गांव में धरने पर बैठ गए। देर रात करीब एक बजे सांसद प्रतिनिधि धीरज सिंह देव भी समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और समर्थन किया। ग्रामीणों ने रात भर धरना दिया। ग्रामीणों ने अवैध खनन बंद होने पर स्वत: सुबह करीब आठ बजे धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान सनावल थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। धरना में मुन्नी देवी, सांसद प्रतिनिधि अमित गुप्ता मंटू, राजेश सिंह, गौतम सिंह, अमर सिंह, अमित दास, राजू सोनी आदि मौजूद रहे।