स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के अंतर्गत शौचालय निर्माण में खामियां उजागर हुई हैं। पहली किस्त का उपयोग कर शौचालय बनवाए बिना ही लाभार्थियों को दूसरी किस्त देने की संस्तुति कर दी गई है। रैंडम वेरिफिकेशन में इसकी पोल खुलने पर डीपीआरओ ने नगवां और चतरा ब्लॉक के एडीओ पंचायत व संबंधित गांवों के सचिवों के एक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है।
नगवां ब्लाक के ग्राम पंचायत सरईगाढ़ में 27 ऐसे शौचालय के द्वितीय किस्त की डिमांड ब्लाक से भेजी गई जो अब तक शुरू ही नहीं हुए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सरईगाढ़ के सचिव सुजीत कुमार और एडीओ पंचायत चंद्रदेव पांडेय की एक वेतन वृद्धि रोक दी है। चतरा ब्लाक में तीन शौचालय अनारंभ पाए गए। इस पर सचिव प्रमोद कुमार और एडीओ पंचायत सुधाकर राम की एक वेतन वृद्धि अवरुद्ध करने का निर्देश दिया।
डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि सीडीओ की ओर से पूर्व में सभी एडीओ पंचायत और सचिवों को निर्देश दिया गया है कि अपात्रों को धनराशि न दें। इसके बावजूद अनारंभ शौचालयों के लाभार्थियों की डिमांड भेज दी गई। इस पर दो सचिव और दो एडीओ पंचायत के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। शौचालय निर्माण में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।