सोनभद्र। तथ्यों को छिपाकर जमीन क्रय करने वालों पर प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है। मंगलवार को अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कैथी और सुकृत में हुए बैनामों की जांच की। एडीएम ने करीब 32 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी। स्टांप चोरी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वसूली की जाएगी। शासन ने जिला प्रशासन को जमीन क्रय करने के स्टांप की चोरी करने वालों को चिह्नित कर उनसे वसूली करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के क्रम में मंगलवार की दोपहर बाद एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह क्षेत्रीय लेखपाल चंद्रकांत और स्टांप लिपिक अनंत के साथ कैथी में एक जमीन की जांच करने के लिए पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि सही तथ्यों को छिपाकर जमीन को कृषि कार्य के लिए क्रय किया गया है, लेकिन भूमि को आवासीय रेट पर विक्रय किया जा रहा है। इसके बाद एडीएम ने सुकृत में हलका लेखपाल के साथ एक जमीन की जांच करनेे पहुंचे। यहां भी कैथी की तरह खेल देखने को मिला। एडीएम ने बताया कि जांच में पता चला है कि कुछ लोगों ने तथ्यों को छिपाकर कैथी और सुकृत में जमीन क्रय कर करीब 32 लाख की स्टांप चोरी किया है। स्टांप चोरी करने वालों के खिलाफ सहायक महानिरीक्षक निबंधन को मुकदमा दर्ज करने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। इसके बाद संबंधितों को नोटिस भेजकर स्टांप की धनराशि जमा कराई जाएगी। कहा कि स्टांप चोरी करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।