आरोप है कि नेता ने कैमूर सर्वे एजेंसी के कुछ कर्मियों से मिलीभगत कर अपने परिवार और अन्य लोगों के नाम जमीन करा ली है। बिल्ली-मारकुंडी में वन विभाग की जमीन भी कूटरचना कर अपने सगे संबंधियों के नाम कराकर खनन पट्टा कराया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने डीएम को जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है।
डीएम चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर एडीएम सहदेव मिश्रा ने सपा नेता की जांच के लिए ओबरा एसडीएम राजेश कुमार सिंह, सहायक अभिलेख अधिकारी ओबरा, प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा और खान निरीक्षक खनिज विभाग को नामित किया है। टीम ने बिंदुवार जांच शुरू कर दी है। बुधवार को टीम के सदस्य सपा नेता से जुड़ी पत्रावलियों को खंगाला। एसडीएम राजेश कुमार सिंह ने कहा कि नेता के खिलाफ प्राप्त शिकायती पत्र में अंकित सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।