सोनभद्र। नगर के आरटीएस क्लब मैदान पर चल रहे श्रीरामचरित मानस नवाह्न पारायण महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को आचार्य सूर्यलाल मिश्र के सानिध्य में 111 भूदेवों ने श्रीरामचरित मानस पाठ किया। मानस पाठ के क्रम में दोपहर में भगवान श्रीराम का माता सीता का भव्य तरीके से विवाह की झांकी सजाई गई। जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से यज्ञस्थल गूंज उठा। राम विवाह पाठ के दौरान कुछ देर के लिए परिक्रमा रोक दी गई। महिलाओं में प्रसाद स्वरूप सिंदूर वितरित किया गया। वहीं शनिवार को सायं कालीन सत्संग सभा में गोरखपुर के पंडित हेमंत त्रिपाठी ने नारद मोह पर विशेष प्रकाश डालते हुए राम जन्म के कारणों को बताया। कहा कि भगवान राम सिर्फ अपनी भक्त की रक्षा करने के लिए अवतरित हुए थे। माता पार्वती ने भगवान शंकर से पूछा कि किस कारण से मेरे गुरुदेव नारद जी को भगवान विष्णु को श्राप देना पड़ा। भगवान विष्णु ने ऐसा कौन सा अपराध कर दिया था। तब शिव ने पार्वती जी को सारा प्रसंग विस्तार से सुनाया। जौनपुर से आए प्रकाश चंद्र विद्यार्थी ने फूलवारी के दृष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राम जानकी का परस्पर संयोग एक ही था। दोनों जनम के लिए एक राजा दशरथ को यज्ञ के माध्यम से ऋषि परम्परा का अनुसरण करके राम का अवतार करना पड़ा और दूसरे राजा जनक को श्रमजीवी बन कर कृषि परम्परा से सीता ी को जन्म देना पड़ा। प्रवचन के अंत में आरती हुई और भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर महामंत्री सुशील पाठक, शिशु तिवारी, किशोर केडिया, विमलेश सिंह, रतनलाल गर्ग, अनिल द्विवेदी, रमेश केशरी, मृत्युंजय जायसवाल, महेश दुबे, संजय पांडेय, अरविंद पांडेय आदि उपस्थित रहे।