सोनभद्र। सूर्य ग्रहण की वजह से बृहस्पतिवार की सुबह सवा 11 बजे मंदिरों के कपाट खुले। इसके बाद विधि विधान से मंदिरों में पूजन अर्चन हुआ। सूर्य ग्रहण के पश्चात नदी में स्नान करने के बाद लोगों ने दान किया। सूर्य ग्रहण समाप्त होने पर हिन्दू धर्म में आस्था रखने वालों के घर चूल्हे जले। ज्योषाचार्य डा. एसएन तिवारी के मुताबिक सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लगने से बुधवार की रात 8.21 बजे तक संध्या आरती करने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गये थे। बृहस्पतिवार की सुबह 8.21 बजे सूर्य ग्रहण लगा जो 11.14 बजे तक रहा। सूर्य ग्रहण समाप्त होने पर नगर स्थित रामजानकी मंदिर, संकटमोचन मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर डाला, उमामाहेश्वर मंदिर शिवद्वार सहित अन्य मंदिरों के कपाट खुले और विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। आस्थावानों ने सूर्य ग्रहण के पश्चात स्नान, दान किया।