म्योरपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के गड़िया से सटे रिहंद जलाशय में स्थित गेदूरी पहाड़ी का आशियाना बीती रात हाथियों के झुंड में छोड़ दिया है। हाथियों का झुंड बीजपुर थाना क्षेत्र के मेझरौट पहुंच गया है, जहां उन्होंने कई ग्रामीणों के घर गिराए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है।बड़ी संख्या में वन कर्मी व बंगाल से आई एक्सपर्ट की टीम हाथियों को छत्तीसगढ़ सीमा में भगाने के लिए पीछे-पीछे लगी हुई है। म्योरपुर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव से सटे रिहंद जलाशय के बीच में स्थित गेदूरी पहाड़ी पर तीन दिन बिताने के बाद हाथियों का झुंड बीती रात जरहा की ओर चला गया। रात के वक्त खजूरी गांव के ग्रामीणों ने हाथियों के रिहंद जलाशय के रास्ते जाने की आवाजें सुनी। खजूरी गांव के विनोद यादव व नंदू यादव आदि ने बताया कि रात में हाथियों के चिगाढ़ने और पानी में से उनके जाने की आवाजें आने लगी। इससे ग्रामीण मारे भय के घरों में दुबके रहे। रात में वन कर्मियों ने भी हाथियों के झुंड पर लगातार निगाह बनाए रखी और उन्हें जरहा रेंज की ओर जाने दिया। वन विभाग की टीम उन्हें जरहा रेंज के रास्ते ही छत्तीसगढ़ में भेजना चाह रही है। वन क्षेत्राधिकारी शहजादा इस्माइलुद्दीन ने बताया कि जिस रास्ते से हाथियों का झुंड प्रदेश की सीमा में घुसा था, वहीं से उन्हें वापस भेजा जाएगा। इसी मद्देनजर उन्हें जरहा रेंज भेजा गया है, जिससे उसी रास्ते वे छत्तीसगढ़ जा सकें।