म्योरपुर।परमाणु उर्जा के लिए आवश्यक तत्व यूरेनियम की संभावनाओं को लेकर परमाणु ऊर्जा विभाग की टीम म्योरपुर में कैंप करेगी। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम छह माह तक सर्वे करने के बाद भविष्य की रूपरेखा तैयार करेगी। इस खबर के बाद से इलाके में यूरेनियम की मौजूदगी को लेकर लोगों में हर्ष व्याप्त है। म्योरपुर क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा के लिए आवश्यक तत्व यूरेनियम की संभावनाओं को लेकर बृहस्पतिवार को प्रशासनिक महकमे ने तैयारियों का जायजा लिया। आने वाले दिनों में छह माह तक भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के वैज्ञानिकों की टीम यहां रह कर यहां सर्वे करेगी। टीम 25 अक्टूबर से 30 अप्रैल 2020 तक यहां रहेगी। परमाणु ऊर्जा विभाग के अन्वेषण और अनुसंधान, बेगमपेट, हैदराबाद के निदेशक मोहन बाबू वर्मा ने पत्र के माध्यम से लिखा है कि परमाणु खनिज निदेशालय के पास स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए परमाणु खनिज संसाधनों का सर्वेक्षण और अन्वेषण करने का अधिकार है। छह दशकों की अवधि में निरंतर सर्वेक्षण और अन्वेषण ने यूरेनियम संसाधनों के लिए संभावित लक्ष्य के रूप में सोनभद्र के कुछ हिस्सों में यूरेनियम की मौजूदगी पाई गई है। इसी को लेकर परमाणु ऊर्जा विभाग सर्वे करने जा रहा है। परमाणु ऊर्जा विभाग भारत सरकार के खनिज अन्वेषण संस्थान एवं अनुसंसाधन, निदेशालय द्वारा हिमालयान हेली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के हेलीकॉप्टर द्वारा सर्वे का काम किया जाएगा। इसको लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित को छह माह तक कैंप के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसी मद्देनजर पुलिस क्षेत्राधिकारी संजय कुमार वर्मा ने हवाई पट्टी का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।