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डिप्थीरिया रोग से बचाव के लिए बच्चों का कराएं टीकाकरण

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सोनभद्र। डिप्थीरिया बीमारी के नियंत्रण के लिए जिले में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग बच्चों को टीडी एवं डीपीटी का टीका लगाने का कार्य कर रहा है। ताकि इस गंभीर बीमारी से बच्चों को बचाया जा सके। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीके अग्रवाल ने डिप्थीरिया बीमारी के बारे में बताया कि यह एक संक्रामक बीमारी है जो कोरनोबैक्टेरियम से होती है। अक्सर यह बीमारी बच्चों में होती है और आम बोलचाल की भाषा में इसे गलाघोटू भी कहते हैं। डिप्थीरिया के रोगी को सांस लेने में दिक्कत होती है और मरीज को तेज बुखार आता है। गले में दर्द व सूजन हो जाती है। उचित इलाज न मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के मुताबिक इस बीमारी के नियंत्रण के लिए 15 अक्टूबर से अभियान चलाकर बच्चों का टीकाकरण चल रहा है। जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क टीका लगाया जा रहा है ताकि यह बीमारी फैलने न पाये। बताया कि दो महीने से ढाई महीने एवं साढे़ तीन महीने पर बच्चों को वैक्सीन के तीन टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा दो वर्ष एवं साढ़े चार साल पर बच्चों को बूस्टर टीका लगाया जाता है। बूस्टर टीका लगने से बच्चे जीवन भर के लिए बीमारी से सुरक्षित रहते हैं। किसी बच्चे के गर्दन में सूजन और सांस लेने में परेशानी हो या फिर खांसी आ रही हो तो यह डिप्थीरिया रोग का लक्षण है। बच्चे को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच कराना चाहिए जहां जांच और इलाज मुफ्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि बीमारी से बचने के लिए समय-समय पर बच्चों की जांच करवाना चाहिए। इससे रोग का पता लग जाएगा और उचित समय पर इलाज भी किया जा सकता है। इसमें लापरवाही नहीं बरतना चाहिए क्योंकि गंभीर रोग हो जाने पर यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचने के लिए लोगों को साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। घरों के आसपास गंदगी न होने दें और नियमित सफाई करते रहे जिससे बीमारी न फैलने पाये।
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