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कलपुर्जो की कमी से जूझ रहा सोनभद्र डिपो

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सोनभद्र। जिले का एकमात्र डिपो वर्कशॉप कलपुर्जों की कमी से जूझ रहा है। कल पुर्जे नहीं होने के कारण बसों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। कई बसें मरम्मत के अभाव में परिसर में खड़ी हैं। कलपुर्जों की कमी की वजह से बसों के इंडीकेटर तक नहीं बदले जा सके हैं। यदि बसों की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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सोनभद्र डिपो में कुल 60 बसें हैं। जो वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग, राबर्ट्सगंज-कोन, घोरावल-खलियारी सहित अन्य मार्गों पर संचालित हो रही हैं। लंबे समय से रोडवेज बसों के कलपुर्जे न मिलने की वजह से रोडवेज बसों के संचालन पर असर पड़ने लगा है। राबर्ट्सगंज नगर स्थित सोनभद्र डिपो परिसर में आधा दर्जन से अधिक रोडवेज बसें कलपुर्जों के अभाव में मरम्मत न होने से खड़ी हैं। वहीं जिले के विभिन्न मार्गों पर दौड़ रही रोडवेज की बसें कागजी दस्तावेजों में भले ही फिट हों, लेकिन हकीकत में यह सड़क सुरक्षा के नियमों के तहत नहीं है। किसी बस का वाइपर खराब है तो किसी बस में इंडीकेटर काम नहीं कर रहा है। जबकि सड़क सुरक्षा के लिहाज से बस में दोनों का होना जरूरी है। रोडवेज बसों में छोटे पार्ट्स भी नहीं लग पाने के कारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसें न चलने से यात्रियों को दिक्कतें होने लगी है। यदि समय से कलपुर्जों की आपूर्ति नहीं हुई तो रोडवेज बसों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
मरम्मत के अभाव में दर्जनभर रोडवेज की बसें खड़ी थीं। छोटे कलपुर्जे उपलब्ध कराकर आधा दर्ज बसें ठीक करा दी गई हैं। अभी पांच-छह की संख्या में बस खड़ी हैं। कलपुर्जे उपलब्ध होने पर उनका भी मरम्मत करा दिया जाएगा।- सीपी वर्मा, एआरएम-सोनभद्र डिपो।
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