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Sonebhadra News: कहीं 15 तो कहीं 20 फीट पर लटक रहे बिजली के तार

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- ढीले और जर्जर तारों के कारण आए दिन हो रहे हादसे, विभाग बेपरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। देश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले सोनभद्र में बिजली के जर्जर और पुराने तार लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। वर्षों पुराने तारों के ढीले होकर नीचे लटकने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बात चाहे एलटी लाइन की हो या एचटी लाइन की। सुरक्षा मानकों का कहीं पालन नहीं हो रहा। ढीले तार कहीं जमीन से 15-16 फीट की ऊंचाई पर हैं तो कहीं 18 से 20 फीट पर लटक रहे हैं। यही कारण है कि कभी छत पर सामान ले जाने या सरिया-पाइप उठाते समय तार से स्पर्श होकर लोग मौत के आगोश में समा रहे हैं। पिछले दो दिनों में ही जर्जर तारों के कारण दो घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले भी कई लोग तारों की चपेट में आकर असमय काल कवलित हो गए। बावजूद विभागीय जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही। जर्जर व ढीले तारों को बदलने या दुरुस्त करने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

गांव ही नहीं, नगर में भी लटक रहे हैं तार
सुदूर ग्रामीण इलाकों में जर्जर तारों की स्थिति का अंदाजा नगरीय क्षेत्र की हालत देखकर ही लगाया जा सकता है। राबर्ट्सगंज नगर के बढ़ौली चौक से मेन मार्केट होते हुए चंडी तिराहा और धर्मशाला चौक से महिला थाना तिराहा तक सड़क के चारों तरफ ढीले और जर्जर तारों का मकड़जाल फैला है। जगह-जगह बांस की खपच्चियां लगाकर तारों को सहारा दिया गया है। नगर के बाहरी हिस्से की कॉलोनियों व नए बसते रहवासी इलाकों में स्थिति और भी बदहाल है। लोग कई मीटर दूर से तार खींचकर घर तक ले गए हैं। इसमें किसी तरह का फाल्ट आने पर खतरा बना रहता है।
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तार के नीचे कहीं स्कूल तो कहीं मकान
जर्जर तारों को लेकर विभाग तो लापरवाह है ही लोग भी नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हैं। नियमों को दरकिनार कर कई जगह हाईटेंशन तार के नीचे ही मकान बना लिया गया है तो कहीं स्कूल का संचालन हो रहा है। नगर के उरमौरा, छपका, पुसौली, ब्रह्मनगर में ऐसे कई नजारे दिख जाएंगे। चुर्क मोड़ से आगे बढ़ते ही सड़क के बाएं तरफ भी कई मकान एचटी तारों के नीचे बने हैं। विभाग ने कभी भी संबंधितों को रोकने की भी जहमत नहीं उठाई।

केस एक:
सुकृत चौकी क्षेत्र के कम्हरिया गांव में गत रविवार को भूसा लदे ट्रैक्टर ट्राली में अचानक आग लग गई। मिर्जापुर के नरायनपुर निवासी हीरालाल क्षेत्र के परही गांव स्थित अपने रिश्तेदार के घर से ट्रैक्टर ट्राली पर भूसा लेकर गांव जा रहा था। कम्हरिया गांव के पास ढीले होकर नीचे लटक रहे बिजली के एलटी तार से स्पर्श के कारण ट्राली पर लदे भूसे में आग लग गई। अगलगी से नकदी समेत हजारों का नुकसान हुआ।
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केस दो::
चोपन नगर के गड़ईडीह में सोमवार की रात बरात लेकर आई बस का चालक सोने के लिए बस की छत पर चढ़ा। नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार से स्पर्श होने के कारण उसकी मौत हो गई। बस में भी करंट उतर गया। ग्रामीणों के मुताबिक हाईटेंशन तार जमीन से महज 16 से 18 फीट ही ऊपर था, जिससे हादसा हुआ।

केस तीन::
गत दो मई को विंढमगंज थाना क्षेत्र के देवढ़ी गांव में शादी समारोह के बाद टेंट उतारते समय पाइप ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार को छू गया। इससे टेंट कर्मी फुलवार निवासी नंद कुमार यादव (38) की मौत हो गई। वहीं दस मई को पतरिहा गांव में डेकोरेशन का सामान लेकर जा रहे ट्रैक्टर ट्राली में नीचे लटक रहा एचटी तार छू गया। इससे ट्रैक्टर में आग लग गई।

शिकायत करते थक गए, नहीं बदले गए तार
केकराही। पसही विद्युत उपकेंद्र से संचालित खैरपुर, करमा, केकराही, कुसी, बहुआरा, हिंदुआरी गांवों में जाने वाली लाइन में तार पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कई जगह यह काफी नीचे लटक रहे हैं। उपभोक्ताओं ने कई बार पुराने तारों को बदलने की मांग की, लेकिन कोई पहल नहीं की गई। गर्मी में तेज हवा के झोंके से तार झूलकर नीचे गिरते हैं। इससे कई बार फसलों में आग भी लग चुकी है।
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वर्जन...
रिवैंप योजना के तहत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की योजना बनाई गई है। इसमें ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि और पुराने तारों को बदलने का भी प्रस्ताव है। इस पर काम शुरू भी हो गया है। ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि पर काम चल रहा है। शीघ्र ही तार भी बदले जाएंगे। - नीरज गोयल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग।
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