जिले में शुद्ध पेयजल एक बड़ी समस्या है। काफी संख्या में ऐसे स्कूल हैं जहां बच्चे फ्लोराइड युक्त पानी पीने के लिए विवश हैं। इसके मद्देनजर जिले के 23 परिषदीय स्कूलों में सोलर आरओ वॉटर सिस्टम लगाने की पहल की गई है। इसकी स्थापना यूपीनेडा की ओर की जाएगी।
राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जिले के परिषदीय स्कूलों में नामांकित बच्चों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए पहल किया है। पहले चरण में जिले के 23 स्कूलों को चुना गया है। इन स्कूलों में सोलर आरओ वॉटर सिस्टम लगाने के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। एक सोलर आरओ वाटर प्लांट पर करीब 2.68 हजार रुपये खर्च आएगा। इस प्रकार से जिले में 23 स्कूलों में सोलर आरओ वॉटर सिस्टम की स्थापना में करीब 61 लाख 79 हजार रुपये खर्च होंगे। 23 परिषदीय स्कूलों में सोलर आरओ वॉटर सिस्टम के लिए धनराशि संस्था को तीन किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त में व्यय का 70 प्रतिशत पैसा संबंधित संस्था के खाते में भेजा जा चुका है। 31 जनवरी तक 80 प्रतिशत धनराशि का उपभोग का प्रमाण पत्र और आरओ सिस्टम का 60 प्रतिशत कार्य पूरा कराने का प्रमाण पत्र देने पर ही दूसरी किस्त जारी होगी। स्कूलों में इस कार्य को 15 मई तक हर हाल में पूरा करना होगा।
स्कूलों में सोलर आरओ वाटर सिस्टम की स्थापना के लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दी गई है। स्कूलों की सूची तैयार कर ली गई है। समय से कार्य को पूरा कराकर बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। - चंद्रशेखर, यूपी नेडा, परियोजना अधिकारी।