जिले में संचालित विभिन्न संस्थाओं की तरफ से 968 क्षय रोगियों को गोद लिया गया। यह संस्थाएं इन रोगियों के पोषण की जिम्मेदारी संभालेंगी।
सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत लायंस क्लब ने 33, रेडक्रॉस सोसायटी ने 143, निजी चिकित्सकों ने 35, जनप्रतिनिधियों ने 80 और सरकारी चिकित्सकों ने 677 मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण किट प्रदान किया है। सीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत व्यक्ति और संस्थाएं क्षय रोगियों को गोद ले रही हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद ने बताया कि संतुलित और पौष्टिक भोजन का सेवन करने से इलाज के पूरा होने के बाद दोबारा टीबी होने की आशंका नहीं होती। क्षय रोगियों की जांच और इलाज निशुल्क सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। इसके साथ ही उन्हें पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपये की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जा रही है।