फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: जुड़िया गांव में डायरिया के मिले छह नए मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
घोरावल। विकास खंड घोरावल के जुड़िया गांव में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को गांव में डायरिया से पीड़ित छह नए मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर पीड़ितों का उपचार कर रही है। गांव में दूषित पेयजल के सेवन के कारण नये मरीजों के मिलने का क्रम भी जारी है।
विज्ञापन

जुड़िया गांव में तीन लोगों की मौत के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को भी गांव में कैंप लगाया। जहां दूसरे दिन डायरिया के छह नए मरीज मिले। इनमें से तीन की स्थिति अधिक खराब होने के कारण उन्हे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल में भर्ती कराया गया। जहां दो को उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। नये मरीजाें में वरुण (8), पायल (2), अनीता ( छह माह), विकास (10) और प्रमिला (30) सहित अन्य शामिल हैं। इनमें से वरुण और पायल को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अमृत तालाब के पास हैंडपंप है। जिसके बगल में कई गड्ढे हैं। जिसमें गंदा पानी भरा हुआ है। जिसका रिसाव हैंडपंप में हो रहा है। जिसका पानी पीने से गांव के लोग बीमार पड़ने शुरू हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ितों का उपचार किया। ग्रामीणों से अंधविश्वास न पड़ने की हिदायत दी गई। ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने और ताजा भोजन करने की सलाह दी गई।
सीडीओ व सीएमओ ने गांव का किया दौरा
घोरावल। जुड़िया गांव में डायरित से तीन मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। डायरिया प्रभावित गांव जुड़िया का बृहस्पतिवार को खुद सीएमओ डा. अश्वनी कुमार, नोडल डा. प्रेमनाथ, डिप्टी सीएमओ डा. सुमन कुमार ने दौरा किया।
विज्ञापन

जहां मौत के कारण को जाना और स्वास्थ्य कैंप का निरीक्षण किया। शाम करीब चार बजे सीडीओ सौरभ गंगवार, डीपीआरओ विशाल सिंह, बीडीओ रमेश यादव ने भी डायरिया प्रभावित जुड़िया गांव पहुंचे। सीडीओ ने अमृत तालाब व नालियों की बदहाल स्थिति को देखकर संबंधितों को जमकर फटकार लगाई। डीपीआरओ को निर्देश किया कि हैंडपंप के पास बने गड्ढे से गंदा पानी निकलवाकर आस-पास साफ सफाई कराई जाए।
मसी पठान में भी तीन दर्जन लोग प्रभावित
सोनभद्र। घोरावल ब्लॉक के जुडि़या गांव में डायरिया का प्रकोप अभी थमा नहीं हैं वहीं दूसरी ओर इसी ब्लॉक के मसी पठान गांव में डायरिया ने पांव पसार लिया। गांव में दो दिन के भीतर करीब तीन दर्जन से अधिक लोग डायरिया से प्रभावित हो चुके हैं। यहां डायरिया का मुख्य कारण दूषित पेयजल बताया जा रहा है। इस गांंव के तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती भी करना पड़ा है।
उल्टी-दस्त की दवाएं गायब

सोनभद्र। दुद्धी क्षेत्र के कई गांव में भी लोग डायरिया से प्रभावित हैं। डायरिया के प्रकोप के बीच सीएचसी दुद्धी में उल्टी व पेट दर्द की दवाईयां गायब है। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में डायरिया व पेट दर्द से पीड़ित मरीजों की भरमार है। चिकित्सक डोमपेरीडोन व डाईसाइक्लोमीन टेबलेट लिख रहे हैं। मगर वो अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। भर्ती मरीजों को चढ़ाए जाने वाली बोतल के लिए आईवी सेट भी अस्पताल में नहीं है। कई महत्वपूर्ण दवाइयां सीएचसी के औषधि भंडारण केंद्र में न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें