रेणुकूट/ओबरा। कई दिनों से हो रही बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम साफ रहा। इससे कैचमेंट एरिया में पानी कम आने के बांधों के जलस्तर में कमी आई है। अभी भी रिहंद बांध के तीन गेट को 15-15 फीट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। दूसरी ओर ओबरा बांध के चार गेट खुले हैं। इससे 54 हजार क्यूसेक पानी सोन नदी में जा रहा है।
रिहंद बांध का कैचमेंट एरिया छत्तीसगढ़ व मप्र तक फैला हुआ है। पड़ोसी राज्यों से लगातार पानी बांध में आने से जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही थी। बारिश थमने के बाद हालात सुधरे हैं। बांध के नौ गेट बृहस्पतिवार को खोले गए थे। जलस्तर में कमी आने के बाद बांध के छह गेट देर रात बंद कर दिए गए।
जल विद्युत परियोजना के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि दो दिनों से बारिश बंद होने के बाद बांध के जलस्तर में कमी आई है। तीन गेट को 15- 15 फीट खोलकर जल निकासी की जा रही है। इसके अलावा सभी छह टरबाइनों को चलाकर 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
बताया कि जलस्तर 870 फीट पहुंचने के बाद बांध के फाटक बंद कर दिए जाएंगे। उधर, शुक्रवार को ओबरा बांध के चार गेट को बंद कर दिया गया। गेट नंबर 6 को पांच फीट, 7, 8 और 9 को दस-दस फीट खोला गया है। इससे कुल 54 हजार क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। ओबरा बांध का जल स्तर 193 मीटर पर बना हुआ है। ओबरा जल विद्युत के तीनों इकाइयों से लगभग 87 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।