एनसीएल बीना कोयला परियोजना के महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष विस्थापित युवा कल्याण समिति के बैनर तले ग्रामीणों का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने संविदा श्रमिकों के शोषण और कोल प्रबंधन के अड़ियल रवैये के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया। बुधवार को आंदोलनकारियों ने धरने को भूख हड़ताल में बदल दिया। समिति के अध्यक्ष राजन भारती ने कहा कि जब तक प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में हुई वार्ताओं का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसलिए इस बार उनकी मांग है कि उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता कर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए।