घोरावल। साहब! दुई दिन से भूखा हइ ,बनारस से पैदल आवत हइ, आउर रस्ते में पुलिस वाले भी मारिन।ऽ यह कहते हुए एक युवक बुधवार को फफक पड़ा। विश्व की सबसे बड़ी त्रासदियों में शुमार कोरोना संकट से जुड़ी कुछ घटनाएं मानव जाति के हृदय को झकझोर कर रख दे रही हैं। अपने परिजनों के पास तमाम युवक लंबी दूरी पैदल चलकर घर पहुंच रहे हैं। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा पुलिस चौकी के तेंदुहार गांव निवासी एक युवक करीब 100 किमी पैदल चलकर बुधवार को अपने घर पहुंचा। उसके साथ चोपन थाना क्षेत्र के 14 युवक भी सौ किमी से अधिक दूरी पैदल चलकर अपने घर पहुंचे। बुधवार को घोरावल में मेन तिराहा पर करीब 22 वर्षीय एक युवक बैग लेकर पैदल आता हुआ दिखाई दिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने जब उससे सड़क पर आने की वजह पूछा तो वह फफक पड़ा। रोते हुए उसने बताया कि उसका नाम निरंजन विश्वकर्मा है और वह उभ्भा चौकी के तेंदुहार गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह और चोपन ब्लॉक के 14 युवक विभिन्न स्थानों से आकर वाराणसी के टेंगरा मोड़ पर उतरे। कोई साधन न मिलने से वह पैदल ही चल दिए। वे सभी भूखे प्यासे थे। रास्ते में तमाम दुकानें बंद होने से रास्ते में पड़ने वाले हैंडपंपों से पानी पीकर पैदल चलते रहे। कई जगह उन्हें पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी। भूख से उसकी हालत बेहाल देखकर पुलिस कर्मियों ने पास के घर से कुछ खाने का सामान व पानी मंगाकर उसे दिया और उसे एक बेंच पर बैठा दिया। बाद में तेंदुहार से आया उसका भाई उसे साथ लेकर घर चला गया।