सोनभद्र। सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने श्रीराम को भारतीय संस्कृति का उच्चतम प्रतिमान और सनातन संस्कृति का प्राण बताया। उन्होंने कहा कि श्रीराम के पावन चरित्र में समस्त उच्चताएं, दिव्यताएं और श्रेष्ठताएं समाहित हैं। भगवान श्रीराम का धैर्य हिमालय जैसा और समुद्र जैसा शांत है। नगर के उत्तर मोहाल स्थित होटल अरिहंत में शहीद उद्यान ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव व सबहि प्रिय राम विषयक गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि लक्ष्मण आचार्य ने श्रीराम के जीवन और व्यक्तित्व के गढ़ रहस्यों को समझाया।
उन्होंने कहा कि भगवान ने समय-समय पर विभिन्न रुपों में अवतार लेकर समाज को सुखद जीवन जीने के आदर्श को बताया है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन इसका सबसे सुंदर उदाहरण है। एक पुत्र, भाई, शिष्य, पति, दोस्त, पिता, योद्धा, राजा सहित हर रूप में श्रीराम ने आदर्श प्रस्तुत किया है। उनका संपूर्ण जीवन मानव समाज के लिए अनुकरणीय है। श्रीराम के व्यक्तित्व के इन गुणों ने ही उन्हें जन-जन का प्रिय और आराध्य बनाया है।
आरएसएस के काशी प्रांत के प्रचारक रमेश जी ने राम के आदर्शों की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम को सिर्फ जानना ही आवश्यक नहीं है, बल्कि उन्हें जीना आवश्यक है। विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय सह मंत्री अंबरीष ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श को किसी परिधि में नहीं बांधा जा सकता, उनका विराट व्यक्तित्व हमें रोज प्रेरित करता है। इस अवसर पर पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव ने सोहर गाया। वहीं पदमविभूषण छन्नूलाल मिश्र ने सबरी और केवट की चर्चा करते हुए सबहि प्रिय राम की विशद व्याख्या की।
कार्यक्रम में राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने रामनगर की रामलीला पर आधारित छाया चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। सोनभद्र में प्रभु श्रीराम के संदर्भ विषय पर एक पुस्तिका भी का विमोचन किया। वह श्रीराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल हुए। विद्वत आचार्यों के स्वस्ति वाचन और शंखनाद के बीच भगवान श्रीराम की आरती उतारी। पं. सूर्यलाल मिश्र ने व्यास की गद्दी संभालते हुए जन्मोत्सव की प्रक्रिया संपन्न कराई। आदिवासी कलाकारों ने करमा नृत्य की मोहक प्रस्तुति दी। शहीद उद्यान ट्रस्ट के चेयरमैन विजय शंकर चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण और भोलानाथ मिश्र ने संचालन किया। इस मौके पर अजय शेखर, ओम प्रकाश त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, विधायक भूपेश चौबे, डॉ. अनिल मौर्य, विजय कुमार जैन, राहुल श्रीवास्तव, महंत योगानंद गिरी आदि मौजूद रहे।