सोनभद्र। सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में सोमवार को शहीद स्थल प्रबंधन स्थल ट्रस्ट की ओर से शायर मुनीर बख्श आलम को श्रद्धांजलि दी गई। अध्यक्षता करते हुए मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के निदेशक एवं वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर ने कहा कि हम अनुबंधों को छोड़कर संबंधों में जीना सीख ले तो यही मुनीर बख्श आलम के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आलम जाति, धर्म के ऊपर थे, उनके साहित्य में धार्मिक सौहार्द झलकता है। गीतकार जगदीश पंथी और मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि मुनीर बख्श आलम शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, के अलावा अध्यात्मिक संरचना के संवाहक थे। साहित्यकार पारसनाथ मिश्र, सुशील राही, राज नारायण पांडेय, शिव नारायण सिंह, नजर मुहम्मद नजर, दीपक कुमार केशरवानी, डॉ. रचना तिवारी, अमरनाथ अजेय, इंद्रदेव सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, डॉ. वीपी सिंघला आदि मौजूद रहे। संयोजक प्रद्युन्न तिवारी ने मरहुम शायर मुनीर बख्श आलम के चित्र पर मार्ल्यापण करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन भोलानाथ मिश्र और अशोक तिवारी ने किया।