सोनभद्र। लोढ़ी में संचालित 100 शैया युक्त मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग (एमसीएच) में अव्यवस्था का बोलबाला है। अत्याधुनिक मशीनों से लैस अस्पताल में चार चिकित्सकों की तैनाती है, मगर ओपीडी में सिर्फ दो बैठते हैं। वहीं, परिसर में सीवर जाम होने के कारण गंदगी बजबजा रही है। इससे दुर्गंध से परेशानी होती है जबकि संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। एमसीएच विंग अस्पताल का संचालन प्राइवेट संस्थान के माध्यम से कराया जा रहा है। यहां पर मातृ एवं शिशु के इलाज की सारी सुविधाएं हैं। एमसीएच अस्पताल में चार डॉक्टर की तैनाती है। मगर ओपीडी में सिर्फ दो डॉक्टर का ही बैठना हो रहा है। मंगलवार को एक पुरुष डॉक्टर ने ओपीडी में मरीजों को देखा। महिला डॉक्टर के नहीं आने से मरीज परेशान रहे। विवश होकर महिला मरीज जिला अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंच रही थी। एमसीएच विंग पहुंची मरीज वंदना, शिवकुमारी ने बताया कि वह डॉक्टर के नहीं बैठने से वापस जा रही हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर समय से नहीं बैठते हैं और पूरी दवा भी अस्पताल से नहीं मिलती है। इससे मरीजों को विवश होकर बाहर से दवा लेनी पड़ती है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल गेट पर बनी नाली गंदगी से जाम होने तथा गंदा पानी ओवरफ्लो होने से मरीजों की फजीहत हो रही है। अस्पताल गेट के बगल में बने चिकित्सक कक्ष में छत से पानी का रिसाव हो रहा है। पानी के रिसाव के चलते इस कक्ष को स्टाफ कक्ष के रूप में प्रयोग में लाया जा रहा है। समस्या के संबंध में अवगत कराया गया, मगर पानी का रिसाव नहीं बंद हुआ।