सोनभद्र। गैंगस्टर एक्ट के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश परितोष श्रेष्ठ की अदालत ने गैंग लीडर समेत तीन दोषियों को सात- सात वर्ष कैद की सजा सुनाई। उन पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक थानाध्यक्ष करमा हरिश्चंद्र सरोज ने करमा थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि भड़कवाह निवासी शक्ति चौहान का एक सक्रिय गैंग है। वह गैंग लीडर है, जिसके सक्रिय सदस्य उसके गांव के ही बृजलाल चौहान और विनोद हैं। इनके विरुद्ध हत्या, आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा विचाराधीन है। लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ के लिए कार्य करते हैं। भय के कारण इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने या गवाही देने की जुर्रत नहीं करता।
इस तहरीर पर 27 सितंबर 2017 को करमा थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया। विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी शक्ति चौहान, बृजलाल चौहान और विनोद को 7- 7 वर्ष की कैद एवं 5- 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर कोर्ट धनंजय शुक्ला एडवोकेट ने बहस की।