सोनभद्र। अन्न भंडारण के क्षेत्र में सोनभद्र को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। जिले में उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूसी) और सहकारिता विभाग की तरफ से 375000 क्विंटल क्षमता के सात अन्न भंडारण गोदाम का निर्माण कराया जाएगा। इसमें अकेले 2 लाख क्विंटल की क्षमता का गोदाम एसडब्ल्यूसी बनाएगा। वहीं सहकारिता विभाग की तरफ से 50000 क्विंटल क्षमता का एक और 25000 क्विंटल क्षमता के पांच गोदाम का निर्माण कराया जाएगा। डीएम चर्चित गौड़ के निर्देश पर सुकृत में 50000 क्विंटल क्षमता का अन्न भंडारण गोदाम निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शेष गोदामों के निर्माण के लिए जमीन की तलाश चल रही है। जिले में बी-पैक्स की 64 समितियां संचालित हो रही हैं। लगभग सभी समितियों पर वितरण के लिए खाद गोदाम का निर्माण कराया गया है। अन्न भंडारण के उद्देश्य से अभी जिले में एक भी बी-पैक्स पर गोदाम का निर्माण नहीं हुआ है। केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत साधन सहकारी समितियों (बी-पैक्स) के नाम अन्न भंडारण गोदाम बनाने की योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत जिले में सहकारिता विभाग का पहला अन्न भंडारण गोदाम सुकृत में बनवाया जाएगा। इसकी क्षमता 50000 क्विंटल होगी। यह गोदाम बट बंतरा बी-पैक्स के अंतर्गत संचालित होगा। यह सहकारिता विभाग का जिले में सबसे बड़ा अन्न भंडारण गोदाम होगा। रॉबर्ट्सगंज तहसील प्रशासन और सहकारिता विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पिछले सप्ताह सुकृत में जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। गोदाम बनने के बाद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को किराए पर दिए जाने की योजना है। इससे एक ओर जहां सहकारी समिति को नियमित आय का स्रोत मिलेगा, वहीं एफसीआई को अनाज भंडारण के लिए निजी गोदामों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में एफसीआई के पास रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के तिलौली में करीब 5 लाख 80 हजार क्विंटल क्षमता का गोदाम है।
इसके अलावा तेंदू गांव में करीब 1 लाख 40 हजार क्विंटल क्षमता के गोदाम का इस्तेमाल एफसीआई निजी क्षेत्र से किराए पर लेकर कर रहा है।