सोनभद्र। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की ओर से एक से 15 जुलाई तक दो चरणों में मिशन सेफ फ्यूचर अभियान चलाया गया। अभियान शुरू होने से पहले जिले में कुल 46 स्कूल वाहन फिटनेस फेल पाए गए थे। विभागीय सख्ती का असर रहा है कि अधिकांश स्कूल संचालक अपने-अपने स्कूल वाहनों का फिटनेस करा लिए। दुद्धी क्षेत्र के दो स्कूल वाहनों का फिटनेस मंगलवार को हुआ। अब भी सात वाहन बिना फिटनेस के संचालित हो रहे हैं। जिले में कुल 427 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 50 से अधिक वाहनों का फिटनेस एवं परमिट फेल हो गया था। जबकि 46 वाहनों का स्कूल संचालन परमिट नहीं बनवाए थे। परिवहन विभाग की तरफ से इस पर बीते मई, जून माह में संबंधितों को नोटिस जारी किया था और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसका असर रहा कि जून माह तक 50 से अधिक स्कूली वाहनों का फिटनेस और परमिट बन गया था। एक जुलाई से शुरू हुए मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के दौरान शेष 46 स्कूल वाहनों के संचालकों को भी परमिट और फिटनेस करा लेने के निर्देश दिए गए थे। अभियान के दौरान 37 स्कूल वाहनों का परमिट और फिटनेस का काम हो गया था। शेष नौ वाहन बचे थे। इसमें दुद्धी क्षेत्र के दो स्कूल वाहनों का मंगलवार को फिटनेस कार्य पूरा हो गया। अभी सात स्कूल वाहनों का फिटनेस और परमिट होना शेष है। परिवहन विभाग ने शेष सात वाहनों से संबंधित स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल फिटनेस कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फिटनेस नहीं कराने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिना वैध फिटनेस के वाहन संचालित पाए जाने पर चालान समेत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। एआरटीओ प्रशासन कौशल सिंह का कहना है कि शेष सात वाहनों से संबंधित स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल फिटनेस कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना वैध कागजात के स्कूल बसों का संचालन कराने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।