रॉबर्ट्सगंज के साहित्यकार मृतक- डॉ.अर्जुनदास केसरी। (फाइल फोटो)स्रोत परिजन
सोनभद्र। जिले के वरिष्ठ साहित्यकार और राष्ट्रपति व राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक डॉ. अर्जुनदास केसरी का सोमवार को निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे और बीमार चल रहे थे। दोपहर में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉ. केसरी को इसी साल मार्च में वर्ष 2023 का उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार उनकी कृति ‘आलोचना’ के लिए दिया गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का उनके आवास पर तांता लग गया। मूल रूप से भवानीगांव के निवासी डॉ. अर्जुनदास केसरी रॉबर्ट्सगंज के संस्कृत पाठशाला मोहल्ले में रहते थे। वह रॉबर्ट्सगंज आदर्श इंटर कॉलेज के संस्थापक प्रधानाचार्य भी रहे। वर्ष 1995 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से पं. रामनरेश त्रिपाठी पुरस्कार, राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार और हजारी प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार सहित कई अन्य सम्मान भी मिले थे। डॉ. केसरी की 60 से अधिक कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें ‘लोरिकायन’, ‘विंध्य क्षेत्र का सांस्कृतिक वैभव’, ‘आदिवासी जीवन’, ‘विजयमल’, ‘गांधी दर्शन’, ‘लवनी संग्रह’, ‘खरवार जनजाति का उद्भव’ और ‘करमा’ प्रमुख हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।