सोनभद्र। बोर्ड परीक्षा की तिथि घोषित हो चुकी है। अब केंद्रों की सूची का इंतजार है। बोर्ड ने इस बार केंद्र निर्धारण के मानकों में तब्दीली की है। सिर्फ आधारभूत सुविधाओं के अलावा ऑनलाइन उपस्थिति और सड़क से दूरी भी केंद्र तय होने का आधार बनेगी। तहसील स्तरीय समिति के सत्यापन के बाद भेजी गई रिपोर्ट के आधार इसी माह केंद्र घोषित होने की उम्मीद है। जिले में 69 राजकीय, 10 वित्तपोषित समेत कुल 239 माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। सभी विद्यालयों से वहां उपलब्ध सुविधाओं का विवरण बोर्ड ने पोर्टल पर मांगा था। इसके बाद तहसील स्तरीय समिति से उसका सत्यापन कराया गया। इसकी रिपोर्ट पिछले माह ही बोर्ड को भेजी गई थी। अब केंद्रों की प्रस्तावित सूची जारी होनी है। पिछले साल 80 केंद्रों पर परीक्षा कराई गई थी। इस बार करीब डेढ़ हजार परीक्षार्थी बढ़े हैं। लिहाजा परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़नी है। केंद्र निर्धारण के लिए अब केवल बुनियादी ढांचा ही काफी नहीं होगा बल्कि शैक्षिक गुणवत्ता परीक्षा केंद्र बनने की पहली शर्त होगी। बोर्ड की नई नीति के अनुसार उन्हीं विद्यालयों को केंद्र बनाया जाएगा, जिनमें ऑनलाइन उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक होगी। इसके अलावा मेधावी छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा अंकों को भी स्कूल की रेटिंग में जोड़ा जाएगा। सड़क मार्ग से दूरी भी एक प्रमुख मानक होगा। अगर स्कूल की ओर से विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मियों की उपस्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर न्यूनतम 180 कार्य दिवस में दर्ज की गई है तो उन्हें 20 अंक मिलेंगे। इसके अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा की राज्य स्तरीय सूची में छात्र-छात्राओं ने स्थान बनाया है तो 20 अंक, जिला स्तर पर विद्यार्थियों ने शीर्ष 10 में जगह बनाई है तो 10 अंक दिए जाएंगे। इसी तरह स्कूल में स्मार्ट क्लास का संचालन हो रहा है तो 10 अंक, पिछले सत्र में इंटरमीडिएट व हाईस्कूल के विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90 से अधिक है तो प्रत्येक के लिए 10 अंक, सभी कक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित हो रही हैं तो भी 10 अंक दिए जाएंगे। इन बिंदुओं के अनुपालन से स्कूल को परीक्षा केंद्र बनने के दावे मजबूत हो जाते हैं।