सोनभद्र। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत गांव-गिरांव में स्थित स्कूल तो संवार दिए गए, लेकिन नगरीय क्षेत्र के स्कूलों की दशा अभी भी नहीं बदली है। वहां मूलभुत सुविधाओं का अभाव है। कहीं फर्श पर टाइल्स नहीं है तो कहीं दिव्यांग शौचालय और आरओ वाटर का अभाव है।
सीमा विस्तार के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन नगरीय इलाकों में संचालित स्कूलों की संख्या करीब 40 हो गई है। स्कूलों में 19 पैरामीटर पर मिशन कायाकल्प संचालित है, मगर नगर क्षेत्र के कई स्कूलों में कोई खास बदलाव नहीं है। नगर पालिका की ओर से करीब तीन साल पहले अपने क्षेत्र में आने वाले उच्च प्राकमिक विद्यालय राबर्टसगंज, प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज प्रथम, मल्टी स्टोरी कंपोजिट विद्यालय कांशीराम आवास सहित कुल छह स्कूलों में पचास लाख के आस-पास धनराशि खर्च की गई थी। इससे स्कूलों के कमरों में टाइल्स लगाने, इंटर लाकिंग लगाने, टूटे फर्स की मरम्मत कराने, हैंडवॉशिग यूनिट की स्थापना सहित अन्य कामों को कराया था। अब भी इन स्कूलों में कई मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज प्रथम, कंपोजिट विद्यालय मल्टस्टोरी के अधिकांश कमरों में टाइल्स नहीं है। नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज सहित कई अन्य नगरीय इलाकों में दिव्यांग शौचालय नहीं है। नगर के मल्टी स्टोरी कंपोजिट विद्यालय के पीछे बाउंड्री से लगे गंदगी का अंबार लगा रहता है। कभी कभार ही सफाई कर्मी स्कूलों पर पहुंचते हैं।
आरओ और वाटर कूलर की दरकार
नगरीय स्कूलों में पेयजल की सुविधा गांवों जैसी है। यहां बच्चों को हैंडपंप या फिर टंकी का पानी ही पीना होता है। कई स्कूलों में बच्चे दूषित पेयजल पी रहे हैं। यहां फिल्टर या आरओ की व्यवस्था नहीं है। दूसरी ओर गर्मी के दिनों में बच्चों के लिए वाटर कूलर का इंतजाम भी नहीं है। ऐसे में बच्चों को पानी गर्म ही मिलता है। यह क्रम कुछ दिनों में स्कूल खुलने के बाद फिर से शुरू हो जाएंगे।
स्कूल के सामने टूटी नाली से अफसर अंजान
नगर में स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के ठीक सामने की नाली लंबे समय से टूटी है। यहां पानी फैला रहता है। बरसात होने पर पानी स्कूल के गेट सहित रोड पर जमा हो जाता है। कई बार बच्चे इसमें गिर कर घायल भी हो चुके हैं। जिम्मेदार टूटी नाली को भी ठीक नहीं करा सके हैं। इस मार्ग पर दो परिषदीय और तीन माध्यमिक सह जूनियर हाईस्कूल भी हैं।
जल जमाव से नहीं मिली राहत
कचहरी रोड़ से प्राथमिक विद्यालय रावर्ट्सगंज प्रथम और पीडब्ल्डी गेस्ट हाऊस से स्कूल तक आने वाली वाला रास्ता हर साल बरसात के दिनों में डूब जाता है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को घूटने तक पानी में होकर स्कूल आना पड़ता है। कई बार वे पानी में गिर तक जाते हैं। मगर नगर पालिका प्रशासन इस समस्या का हल सालों से ढूढ़ नहीं सका है।
कई स्कूल और बने नगर के हिस्सा
एक ओर जहां पहले से ही नगर में शामिल स्कूल कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। तो दूसरी ओर नगर सीमा के विस्तार के बाद इनकी संख्या में दो गुना बढ़ोतरी हुई है। इन स्कूलों की स्थिति और भी अधिक खराब है। ऐसे में अब यहां भी सुविधाओं को बेहतर कर पाना परेशानी का सबब होगा।
करीब तीन साल पहले स्कूलों में कई कार्य कराए गए थे। हालांकि तब मैं यहां तैनात नहीं था। स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास होगा। - विजय यादव, ईओ नगर पालिका।