मेडिकल कालेज अस्पताल गेट पर विरोध प्रदर्शन करते सफाई कर्मी। स्रोत स्वयं
सोनभद्र। मेडिकल कॉलेज में सेवा देने वाली ठेका कंपनियों के लंबे समय से लंबित भुगतान का असर अब चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ने लगा है। दो माह से मानदेय न मिलने, वेतन बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों को लेकर सफाईकर्मियों ने सोमवार को घंटों काम ठप रखा। इससे वार्डों से कूड़े की उठान नहीं हो सकी और जगह-जगह गंदगी से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हुई। कर्मियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर संजीदगी नहीं दिखाई गई तो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। सफाईकर्मी मेडिकल कॉलेज के ब्लॉक बी स्थित ओपीडी गेट पर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि अगस्त और सितंबर का मानदेय अब तक नहीं मिला है। सितंबर में शासन की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन देने की बात तय हुई थी लेकिन नई कंपनी महज 8300 रुपये भुगतान का भरोसा दे रही है। कर्मियों ने कुछ लोगों को काम से हटाए जाने की आशंका भी जताई। दोपहर बाद प्रधानाचार्य आईजेन भट्टाचार्या ने पूर्व और वर्तमान ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों से कर्मियों की वार्ता कराई। समस्या के जल्द समाधान का भरोसा मिलने पर सफाईकर्मी काम पर लौट आए। मेडिकल कॉलेज में पूर्व संविदा कंपनी का भुगतान लंबित होना सफाईकर्मियों की नाराजगी की प्रमुख वजह है। वहीं आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि एक साल से अधिक समय से लंबित है। ऑक्सीजन और बिजली का बकाया भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संकट खड़ा कर सकता है। लिफ्ट खराब होने और ओटी एरिया में एसी खराब होने जैसे मामले भी बने हुए हैं।