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मुरी एक्सप्रेस में डकैती : महिलाओं के गहने उतरवाए, दुधमुंहे बच्चे को उल्टा लटकाकर धमकाया

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लातेहार से ट्रेन जैसे ही आगे बढ़ी एक-एक कर 10-12 बदमाश बोगी में चढ़ गए। अधिकांश ने काले कपड़े से चेहरा ढक रखा था। ज्यादातर यात्री नींद में थे। ट्रेन के स्पीड पकड़ते ही डकैतों ने असलहा निकाल लिया और पिटाई शुरू कर दी। दो के पास लाठी और अन्य के पास असलहा था।
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लोग कुछ समझ पाते, तब तक डकैतों ने फायरिंग भी कर दी। इससे ट्रेन की बोगी में सवार लोग दहशत में आ गए। डकैतों ने यात्रियों की नकदी लूट ली। महिलाओं के आभूषण उतरवाए। जिसने भी विरोध किया, उसे असलहे की मुठिया से पीटा। मूरी एक्सप्रेस की एस-9 बोगी में सफर कर रहे यात्री यह घटना बताते हुए सहमे हुए थे।



घटना के कई घंटे बाद भी उनके चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था। संभलपुर से मिर्जापुर जा रहे फिरोज अहमद ने बताया कि डकैतों ने काले कपड़े से मुंह ढक रखा था। हाथों में असलहा था। सामान भी ले गए और पिटाई भी की। बांदा निवासी उदित नारायण ने बताया कि वह अपनी मां और बहन के साथ संभलपुर में नाना के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे। बदमाशों ने मोबाइल और पर्स में रखे रुपये लूटे हैं। गाजियाबाद की निवासी रिमझिम सिंह ने बताया कि बदमाशों ने उनके सोने की चेन, कान की बाली लूट ली।
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विरोध करने पर उनके पुत्र आदित्य (10) की पिटाई की। रायबरेली निवासी महेश ने बताया कि बदमाशों ने करीब 30 हजार रुपये लूटे और भाग निकले। पत्नी के गहने भी लूटे हैं। विरोध करने पर दुधमुंहे बच्चे को उल्टा लटकाकर धमकाने लगे। रोशन कुमार का कहना था कि डकैतों ने महिलाओं के आभूषण उतरवा लिया। जिसने भी मना किया, उसके साथ अभद्रता और पिटाई की। उनके भय से ज्यादातर लोग अपने अपना सामान खुद सौंप दे रहे थे।

अजय कुमार ने बताया कि घटना के वक्त टीटीई दूसरी बोगी में थे। डकैतों के जाते ही यात्रियों ने उन्हें बताया। आरपीएफ के आने के बाद भी रात भर नींद उड़ी रही। सुबह सात बजे ट्रेन के चोपन पहुंचने के बाद अफसरों की मौजूदगी में मेडिकल स्टाफ ने घायल यात्रियों का दोबारा उपचार किया।


नशे में धुत थे डकैत, 25-30 के बीच थी उम्र

यात्रियों ने बताया कि डकैतों ने शराब पी रखी थी। एक की उम्र करीब 40 वर्ष थी, जबकि अन्य 25-30 वर्ष के थे। वह हिंदी में बात कर रहे थे और फुल पैंट-शर्ट पहने हुए थे। दो डकैतों के पास मोटी लाठी और अन्य के पास देसी असलहा था। यात्रियों के बताए अनुसार आरपीएफ ने इस रूट पर आने वाले गांवों में सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है।



नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुई घटना

मूरी एक्सप्रेस में जिस जगह घटना हुई, वह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है। इस रूट पर पहले में भी घटनाएं होती रही हैं, लेकिन पहली बार डकैती की वारदात ने रेलवे सुरक्षा बल की नींद उड़ा दी है।
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