रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रासिंग पर आरओबी निर्माण के लिए चल रहा लोड टेस्टिंग काम। संवाद
रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए लोड टेस्टिंग का काम आखिरी चरण में पहुंच गया है। लखनऊ से आ रही टीम बुधवार को ओवरब्रिज के भार वहन क्षमता की टेस्टिंग करेगी। विशेषज्ञों की निगरानी में टेस्टिंग का काम बृहस्पतिवार तक पूरा हो जाएगा। क्राॅसिंग पर बनने जा रहे ओवरब्रिज की भार वहन क्षमता 1000 टन की होगी। हालांकि 25 प्रतिशत अतिरिक्त भार देकर टेस्टिंग किया जा रहा है। टेस्टिंग पूरा होते ही अगले चरण का काम शुरू हो जाएगा। रॉबर्ट्सगंज-रामगढ़ मार्ग पर स्थित रेलवे क्रासिंग गेट संख्या 37 पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण होने जा रहा है। यह ओवरब्रिज 12 मीटर चौड़ा और 900 मीटर लंबा बनेगा। ओवरब्रिज निर्माण से पहले क्राॅसिंग के बगल में भार टेस्टिंग का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था झांझरिया कंट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों की मानें तो रेलवे क्रासिंग पर बनने जा रहे आरओबी की भार वहन क्षमता करीब एक हजार (1000) टन होगी। यानी इस ओवरब्रिज पर एक हजार टन क्षमता के वाहन भी गुजर सकते हैं। इस मार्ग पर 400 से 500 टन तक के ही वाहनों का आवागमन होता रहा है। 25 प्रतिशत अतिरिक्त यानी 1250 टन भार देकर ओवरब्रिज निर्माण के लिए लोड टेस्टिंग किया जाना है। लखनऊ से आ रही विशेषज्ञों की टीम की मौजूदगी में बुधवार से ओवरब्रिज निर्माण के लिए लोड टेस्टिंग काम किया जाएगा। झांझरिया कंट्रक्शन कंपनी केे प्रोजेक्ट मैनेजर देवेश कहना है कि 11 जून तक लोड टेस्टिंग का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद ओवरब्रिज निर्माण के लिए आगे का काम शुरू होगा। बता दें कि रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्राॅसिंग पर करीब 54 करोड़ की लागत से आरओबी का निर्माण होना है। ओवरब्रिज निर्माण कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए सड़क के दोनों तरफ सेफ्टी बैरियर लगाए जा रहे हैं।