सोनभद्र। आकांक्षी जिला सोनभद्र में सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब थर्ड पार्टी से तकनीकी जांच कराई जाएगी। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल करते हुए डीएमएफ मद से निर्मित सड़कों के नमूनों की जांच आईआईटी बीएचयू से कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में चोपन क्षेत्र की चार सड़कों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे निर्माण कार्यों में जिम्मेदार उसकी गुणवत्ता से खिलवाड़ नहीं कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार चोपन क्षेत्र में जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) मद से चार सड़कों का निर्माण कराया गया है। इन कार्यों का भुगतान अभी लंबित है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर इन सड़कों की तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने चारों सड़कों से कोर कटिंग कर नमूने (नमूने) एकत्रित कराया गया है। बीते बुधवार को अवर अभियंता जितेंद्र सिंह की देखरेख में चारों सड़कों से कोर कटिंग कर एकत्रित किए गए नमूने की जांच के लिए आईआईटी बीएचयू भेज दिया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक डीएमएफ मद से बनी चारों सड़कों का निर्माण कार्य दो साल पहले कराया गया है। इन सड़कों का भुगतान होना शेष रह गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही संबंधित निर्माण एजेंसी के भुगतान सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अब तक लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच विभागीय प्रयोगशाला में ही कराई जाती थी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में परीक्षण होता था लेकिन अब जिलाधिकारी के निर्देश पर डीएमएफ मद से कराए गए सभी निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी से तकनीकी जांच भी कराई जाएगी, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। आईआईटी बीएचयू में सड़क निर्माण के नमूनों की तकनीकी जांच कराने पर प्रति सड़क लगभग डेढ़ लाख से ढाई लाख रुपये तक का खर्च आता है। यह फीस के तौर पर कार्यदायी संस्था को जमा करना होता है। जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए स्वतंत्र जांच को प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में आईआईटी बीएचयू में सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।