सोनभद्र। ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्षों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और बिटुमेन (तारकोल) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर जिले की सड़क निर्माण परियोजनाओं पर भी पड़ा था। हालांकि अब लोक निर्माण विभाग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि ठेकेदारों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा। इससे रुके हुए सड़कों के निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 350 सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य स्वीकृत किए गए थे। इनमें से अधिसंख्य कार्यों के टेंडर मार्च से पहले हो चुके थे। उस समय तारकोल की कीमत 42 से 45 हजार रुपये प्रति टन के बीच थी। इस दौरान ईरान-अमेरिका के बीच संघर्ष होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए। इसका असर तारकोल के दाम पर भी देखने को मिला है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानें तो बदले अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण तारकोल का दाम बढ़कर 75 हजार रुपये प्रति टन से अधिक पहुंच गई है। करीब 30 से 33 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से तारकोल के दाम बढ़े हैं। अचानक हुई इस वृद्धि के चलते कई ठेकेदारों ने काम की रफ्तार धीमी कर दी, जिससे 250 से अधिक सड़क परियोजनाएं प्रभावित हुईं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक 150 से अधिक सड़क निर्माण कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने बढ़ी हुई बिटुमेन (तारकोल) दरों के अनुरूप भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे ठेकेदारों को राहत मिलेगी और बढ़े तारकोल के दाम से सड़कों का निर्माण प्रभावित नहीं होगा। बताया जा रहा है कि एक अप्रैल से 30 जून के बीच तारकोल के दाम बढ़ने की वजह से रुके हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करते हुए इसके पूरा करने के लिए कहा गया है।