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कम बारिश से पिछले वर्ष से कम है रिहंद का जल स्तर

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रेणुकूट। रिहंद बांध के कैचमेंट एरिया में कम बारिश की वजह से इस वर्ष अब तक बांध का जलस्तर 838.3 फीट पर ही पहुंच सका है, जबकि पिछले वर्ष आज के दिन जलस्तर 844.6 फीट पर पहुंचा था। बांध के कैचमेंट एरिया मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कम बारिश की वजह से अब तक बांध का जलस्तर नहीं बढ़ सका है, जिससे बांध प्रशासन से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों का संचालन प्रभावित हो सकता है। सोनभद्र व पड़ोसी राज्य में कई औद्योगिक इकाइयां हैं जिसमें जल की आपूर्ति रिहंद बांध से ही पूरी होती हैं। यदि बांध में कम बारिश से पानी नहीं आया तो पूरे साल औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ विद्युत गृहों को पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा। रिहंदनगर, विंध्यनगर और शक्तिनगर में एनटीपीसी की इकाइयां, मध्य प्रदेश में महान परियोजना, अनपरा पावर प्रोजेक्ट, लैंको पावर के साथ ही एनसीएल की तमाम इकाइयों की पानी की जरूरत इसी बांध से ही पूरी होती है। पिपरी में स्थित 300 मेगावाट की पनबिजली परियोजना भी रिहंद बांध में संग्रहित हुए जल से ही चलती है। बांध की कुल क्षमता 870 फीट है, जो अभी पूरी क्षमता से 31.7 फीट कम है। यदि बारिश न हुई तो औद्योगिक इकाइयों के लिए काफी मुश्किल हो सकती है। मानसून को आये एक माह से ज्यादा हो चुका है, लेकिन अब तक बांध का जलस्तर न बढ़ने से बांध प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है। अब तक जैसी बारिश हुई है यदि इसी तरह आगे भी हुई तो बांध का 850 फीट पर भी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। पहले बांध की जल संग्रहण क्षमता 880 फीट थी जिसे बाद में घटाकर 870 फीट कर दिया गया है। 871 फीट पर पहुंचते ही बांध के फाटक खोल दिए जाते हैं लेकिन बीते वर्ष भी बांध के फाटक खोलने की नौबत नहीं आई थी। अलबत्ता बरसात का मौसम खत्म होते-होते बांध में संतोषजनक स्थिति में पानी आ गया था। लेकिन इस वर्ष अब तक गत वर्ष की अपेक्षा छह फीट पानी कम है। इसलिए बांध प्रशासन से जुड़े लोग परेशान हैं।
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