नगरीय क्षेत्र की गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी शुरू की गई है। योजना के तहत चयनित सैकड़ों लाभार्थियों द्वारा आवास का निर्माण कराने में हीलाहवाली की जा रही है। इसकी मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारी भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने डूडा के जिला समन्वयक से रिपोर्ट तलब की है। इसके लिए एडीएम ने पीओ को 72 घंटे का समय दिया है।
शासन से लगातार जिला प्रशासन को पात्रों को आवासों का निर्माण कार्य समय से पूर्ण कराने का निर्देश दिया जा रहा है। इसके बावजूद आवासों का कार्य समय से पूर्ण नहीं हो रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए अब एडीएम ने आवासों के निर्माण कार्यों की जांच स्वयं करने का निर्णय लिया है। एडीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) डूडा के जिला समन्वयक अरबाज खान से रिपोर्ट मांगी है। एडीएम की ओर से जिला समन्वयक को भेजे गए पत्र में लिखा है कि वर्ष 2019-20, 2020-21 में 2021-22 में पीएमएवाई योजना के अन्तर्गत जितने आवासों लक्ष्य प्राप्त हुआ था उनकी भौतिक व वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट के साथ-साथ कुल नगर निकायों में, जहाँ पर उसका लक्ष्य निर्धारित है. प्रत्येक में से सम्मिलित करते हुए न्यूनतम 200 आवासों का सत्यापन निर्धारित प्रारूप में दें। फोटोग्राफ सहित लाभार्थीवार आख्या तीन दिन में उपलब्ध कराएं। एडीएम ने सत्यापनकर्ता अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर, कितने आवासों में प्रत्येक स्तर पर जिओ टैगिंग, कितने आवासों में प्रथम, द्वितीय व अंतिम किस्त अवमुक्त की जा चुकी है इसका भी ब्योरा मांगा है। कितने आवास ऐसे पाए गए जिनमें कार्य मानक को अनुरूप पूर्ण न होने के बावजूद द्वितीय किस्त अवमुक्त कर दी गई है। एडीएम ने कहा कि सूची मिलने के बाद वह स्वयं मौके पर जाकर आवासों के निर्माण कार्यों की जांच करेंगे।