चुनार-चोपन खंड पर स्थित 73 वर्ष पुराने ब्रिज के नवीनीकरण कार्य में लगेे रेलवे के कर्मचारी। स्रो
सोनभद्र। उत्तर मध्य रेलवे ने आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्रयागराज मंडल के चुनार-चोपन खंड पर स्थित 73 वर्ष पुराने ब्रिज संख्या-131 का नवीनीकरण का काम पूरा कर लिया है। 1953 में निर्मित इस स्टील गर्डर ब्रिज को आधुनिक तकनीक से प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट गर्डर स्लैब में परिवर्तित किया गया है। यह पुल पहले ब्रॉड गेज मेन लाइन (बीजीएमएल) लोडिंग मानक पर आधारित था, जिसे भारतीय रेलवे ने वर्ष 1926 में अपनाया था। जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह के अनुसार, पुराने ढांचे के कारण इस पुल पर ट्रेनों की गति केवल 30 किमी प्रति घंटा तक सीमित थी। बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए इसके पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई थी। करीब 103 किलोमीटर लंबा चुनार-चोपन रेल खंड भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण माल परिवहन मार्ग है। यह सिंगरौली स्थित नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से उत्तरी भारत के विभिन्न तापीय विद्युत संयंत्रों तक कोयला आपूर्ति की प्रमुख कड़ी है। अधिक भार और व्यस्तता के चलते इस खंड के सुदृढ़ीकरण की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह कार्य मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में उप मुख्य ब्रिज इंजीनियर आईपीएस यादव एवं उनकी टीम की तरफ से संपन्न कराया गया। नवीनीकरण के बाद इस खंड पर ट्रेनों के संचालन में गति और सुरक्षा दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।