सोनभद्र। नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी पूर्व विधायक रामदुलार गोंड का नया ठिकाना अब वाराणसी सेंट्रल जेल बन गया है। कोर्ट से 25 वर्ष की सजा सुनाए जाने के कारण रामदुलार को जिला जेल से सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया है। अब आगे की सजा वहीं काटनी होगी।
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित जिले की दुद्धी विधानसभा सीट से निर्वाचित रामदुलार गोंड को गत 12 दिसंबर को जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी करार दिया था। इसके बाद 15 दिसंबर को 25 वर्ष कैद और दस लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी करार दिए जाने के बाद से रामदुलार को जिला जेल में रखा गया था। तीन दिन पहले उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे वाराणसी की सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया। जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि लंबी सजा पाने कैदियाें को सेंट्रल जेल में रखने का प्रावधान है। जेल मैनुअल के अनुसार विधायक रामदुलार गोंड को सेंट्रल जेल में शिफ्ट करा दिया गया है।
विधायक से मिलने में हिचकते रहे समर्थक
हर वक्त समर्थकों की भीड़ से घिरे रहने वाले रामदुलार गोंड के जेल जाने के बाद ही लोगों ने दूरी बना ली है। जिला जेल के सूत्रों के मुताबिक जेल में रहने के दौरान रामदुलार से मिलने के लिए गिनती के लोग ही पहुंचे। इसमें भी परिवार, रिश्तेदार और उनके पैरवीकार ही शामिल रहे। कई दिन तो किसी ने मुलाकात नहीं की। पार्टी नेताओं ने भी विधायक का हाल जानने की जरूरत नहीं समझी। आमतौर पर राजनीतिक व्यक्तियों से मिलने वालों की भीड़ लगी रहती है।