सोनभद्र। यूपी पुलिस की परीक्षा के पहले दिन 1400 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई परीक्षा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली गई। फेस रिकग्निशन से एक-एक अभ्यर्थियों का सत्यापन हुआ। मेटल डिटेक्टर से गुजरने के बाद केंद्रों में प्रवेश दिया गया। पानी की बोतल, पर्स, राखी, ब्रेसलेट, घड़ी, महिला अभ्यर्थियों के गले से चेन, टॉप्स व अन्य आभूषणों को गेट पर ही उतरवा दिया गया। कंट्रोल रूम से हर कमरे की निगरानी होती रही।
जिले के छह केंद्रों पर पहली पाली परीक्षा सुबह दस बजे से शुरू हुई, लेकिन सात बजे से ही अभ्यर्थी केंद्रों पर जुटने लगे थे। प्रवेश पत्र और बाल प्वाइंट पेन के अलावा कोई भी अन्य सामान केंद्र में ले जाने की इजाजत नहीं थी। दूरदराज से आए अभ्यर्थियों को गेट पर ही अपने सामान रखने पड़े। हर अभ्यर्थी की पहचान के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाया गया था। इसके अलावा हैंड होल्ड मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली जाती रही। जूता-मोजा उतरवाकर भी देखा गया।
महिला अभ्यर्थियों की तलाशी के लिए केंद्रों पर महिला कांस्टेबल व अन्य कर्मचारियों को अलग से लगाया गया था। परीक्षा के लिए दोनों पालियों में छह केंद्रों पर कुल 4320 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 2920 ने हिस्सा लिया। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कॉलेज मधुपुर, आदर्श इंटर कॉलेज, एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के केंद्र पर पहुंचकर छानबीन की। एक-एक कमरों में पहुचंकर व्यवस्था का जायजा लिया। एडीएम सहदेव मिश्र, एएसपी कालू सिंह सहित अन्य अफसर भी चक्रमण करते रहे। एएसपी ने बताया कि परीक्षा में पहले दिन कोई नकलची नहीं मिला है। परीक्षा केंद्रों, प्रमुख स्थानों, चौराहों पर क्यूआरटी टीम, पीएसी की ड्यूटी लगाई गई थी।
कंट्रोल रूम से होती रही निगरानी
सभी छह केंद्रों पर चल रही परीक्षा की कंट्रोल रूम से निगरानी होती रही। सीओ ओबरा हर्ष पांडेय के नेतृत्व में कंट्रोल रूम में एक इंस्पेक्टर व चार कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई थी। चार बड़ी स्क्रीन पर हर कमरे की गतिविधि पर पुलिस अधिकारी नजर बनाए हुए थे। एलआईयू व पुलिस की अन्य टीमें सादे वर्दी में चक्रमण करती रहीं।
परीक्षा की व्यवस्था से संतुष्ट दिखे अभ्यर्थी, बदले पैटर्न ने किया परेशान::
पिछली बार की अपेक्षा इस बार पेपर थोड़ा कठिन था। रिजनिंग से जुड़े प्रश्न अधिक थे, जबकि पिछली बार कानून की धाराओं से सवाल पूछे गए थे। पैटर्न थोड़ा बदला था, मगर पेपर अच्छा था। -विशाल यादव, वाराणसी।
सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षाएं जैसे पहले होती थीं, इस बार उसी पैटर्न पर सवाल आए थे। गणित, विज्ञान के सवाल औसत श्रेणी के ही थे, लेकिन रिजनिंग व जीके थोड़ा कठिन था। संबंधों वाले सवालों को हल करने में कठिनाई हुई। -रवि यादव, जौनपुर।
पिछली बार पेपर अच्छा हुआ था, लेकिन लीक हो गया। इससे तैयारी प्रभावित हुई थी। इस बार और बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हुई। सब कुछ अच्छा हुआ है। इस बार पेपर लीक नहीं हुआ तो अच्छे रिजल्ट की पूरी उम्मीद है। -तृषा चौहान, मिर्जापुर।
कानून की धाराओं से जुड़े सवाल पिछली बार खूब आए थे। उसी आधार पर तैयारी कर आए थे, मगर उससे जुड़ा कोई प्रश्न नहीं था। इससे थोड़ी मायूसी हुई। परीक्षा कराने की तैयारी इस बार अच्छी थी। उम्मीद है कि पेपर लीक नहीं होगा। -नीलम सिंह, मिर्जापुर।