वनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महाकक्ष में चल रहे तीन दिवसीय कहानी लेखन और प्रतिभा निखार कार्यशाला का सोमवार की शाम समापन हुआ। लेखिका ज्योति पाटिल ने प्रतिभागियों को लेखन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की बारीकियां बताईं। कहा कि कहानी लिखने में किरदार के गहराई तक पहुंचना जरूरी है तभी आप का प्रयास सफल होगा।
उन्होंने कहा कि लेखन में मुख्य बात को सारांश में लिखना और कहानी को ज्यादा बढ़ाना ठीक नहीं। समाज में हो रहे सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा देना होगा। कहा बहुत से अच्छे काम हो रहे हैं, उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। समिति के अध्यक्ष रामचंद्र, बेचू सिंह व प्रदीप ने बताया कि हम सभी ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से करोड़ों का जंगल बचा है और उसमें जंगली जानवरों का आशियाना भी बन रहा है। काम भर की लकड़ी, पशुओं के लिए चारा, साथ में जड़ी बूटी भी मिलने लगी है। ज्योति पाटिल ने कहा की इस तरह के प्रयास देश के लिए उदाहरण बन सकते है। कार्यशाला का आयोजन मिशन समृद्धि और बनवासी सेवा आश्रम ने संयुक्त रूप से किया। देवनाथ भाई, उमेश चौबे, रघुनाथ भाई, रामसुभाग, रमेश यादव, केवला दुबे, अशोक कुमार, बिहारीलाल, अमरजीत वर्मा, दीपचंद, आदि रहे।