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कोयला प्रोजेक्टों में कामगारों ने दिखाई ताकत

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सिंगरौली में वाणिज्यिक खनन के खिलाफ प्रदर्शन करते कोयला कामगार - फोटो : SONBHADRA
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शक्तिनगर। एनसीएल में कोयला कामगारों के संयुक्त संगठन से जुड़े श्रमिकों ने शनिवार को कोयला प्रोजेक्टों के कार्यालयों पर प्रदर्शन कर अपनी ताकत का एहसास कराया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार व कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। संगठन के नेताओं ने कहा कि अधिकार के लिए कामगारों को एकजुटता बनाई रखनी होगी। शनिवार को सुबह सिंगरौली के सभी क्षेत्रों में सयुक्त मोर्चा से जुड़े यूनियनों के पदाधिकारियों व कामगारों ने जमकर नारेबाजी की और जन जागरण किया। कोयला श्रमिकों ने एनसीएल की अमलोरी, निगाही, केंद्रीय कार्यशाला, जयन्त, ब्लाक बी, झिंगुरदा, एनसीएल मुख्यालय सिंगरौली, खड़िया, जल आपूर्ति इकाई आईडब्ल्यूएसएस आदि में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। गेट मिटिंग के जरिए तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए गहन जनसंपर्क भी किया। इन मौकों पर नेेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचन की। आरोप लगाया कि सरकार का कदम सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का अस्तित्व समाप्त करने जैसा है। चेतावनी दी कि सरकार के इस कदम का कोयला कामगार हर स्तर पर विरोध करेंगेे। ज्ञात हो, एनसीएल मेें कोयला मजदूरों के कई संगठन संयुक्त मोर्चा बनाकर केंद्र सरकार के कोयला क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन व कोल ब्लॉकों को निजी क्षेत्रों को देने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। इस विरोध में सरकार का करीबी समझा जाने वाला संगठन भारतीय मजदूर संघ भी शामिल है। संयुक्त मोर्चा ने दो जुलाई से एनसीएल में तीन दिन के हड़ताल की घोषणा की है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए मजदूर यूनियनों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
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