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कोयला क्षेत्र में हड़ताल से उत्पादन व प्रेषण प्रभावित, जलापूर्ति शुरू

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शक्तिनगर। कोयला क्षेत्र में हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी व्यापक असर दिखा। अधिकांश कामगार कार्य स्थलों पर नहीं पहुंचे। ड्यूटी जाने वाले कर्मचारियों को हड़ताली कर्मियों ने चूड़ियां पकड़ाने की कोशिश की। इसके चलते कई जगह स्थिति तनावपूर्ण होते - होते बची। हालांकि स्थिति संभाल ली गई। हड़ताल के चलते कोयला उत्पादन व प्रेषण बुरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि जलापूर्ति बहाल होने से एनसीएल में पेयजल की उपलब्धता बरकरार रही। एनसीएल की अमलोरी व निगाही कोयला क्षेत्र के कुछ कर्मी कार्यस्थल पर गए लेकिन सभी को हड़ताली कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। ड्यूटी जाने वाले कर्मचारियों को चूडियां व साड़ी पकड़ाने की कोशिशें की गईं। इसके चलते माहौल में तल्खी आ गई लेकिन अफसरों के हस्तक्षेप से मामला सुलझ गया। एनसीएल के ब्लाक बी प्रोजेक्ट में उत्पादन के लिए अफसरों ने जिम्मेदारी संभालने का प्रयास किया और डंपर, शावेल के साथ पोकलेन मशीन चलाने लगे। जानकारी के बाद पहुंचे संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों व हड़ताल का समर्थन करने वाले कर्मचारियों के प्रबल विरोध के बाद प्रबंधन ने निर्णय वापस ले लिया और अधिकारियों को वापस बुला लिया। एनसीएल के जयंत, झिंगुरदा, दुद्धीचुआ, खड़िया, कृषणशिला, बीना व ककरी में भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। एनसीएल बीना एंव कृष्णशिला परियोजनाओ में कामर्शियल माइनिंग के विरोध में एटक, इंटक, एचएमएस, बीएमएस, सीटू, (संयुक्त मोर्चा ) के बैनर तले चल रहा तीन दिवसीय हड़ताल शुक्रवार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रथम पाली, द्वितीय पाली में नाम मात्र के ही कर्मी कार्य पर रहे। केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी के साथ जगह जगह चक्रमण कर मजदूरों को एकजुट कर महाहड़ताल को सफल बनाने के लिए अपील की जाती रही।
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