सोनभद्र। पिपरी नगर पंचायत और उसके अगल-बगल के ग्रामीणों को अब प्राथमिक उपचार के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यहां प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी ने अस्पताल के लिए जमीन के चिह्निकरण की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी दुद्धी को सौंपा है। जमीन का चयन होने के बाद भवन निर्माण आदि का प्राक्कलन तैयार होगा। अस्पताल बनने से मरीजों को उपचार के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। पिपरी नगर क्षेत्र व आसपास के क्षेत्रों में एक भी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। रेणुकूट में हिंडाल्को का अस्पताल और ईएसआई अस्पताल है लेकिन पिपरी और उसके आसपास के ग्रामीणों का उपचार इन अस्पतालों में बमुश्किल हो पाता है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को उपचार के लिए काफी परेेेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों को उपचार कराने के लिए चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर सीधे राबर्ट्सगंज स्थित जिला अस्पताल जाना पड़ता है। हालांकि पिपरी व रेणुकूट क्षेत्र में कुछ प्राइवेट अस्पताल हैं लेकिन आम लोग उनमें इलाज नहीं करा पाते हैं। क्षेत्र में चिकित्सा की सुविधा न होने पर पिपरी के चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पिपरी क्षेत्र में प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की मांग की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेेश शासन के उप सचिव प्राणेश चंद्र शुक्ल ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें पिपरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निर्माण के लिए नि:शुल्क जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। इस पर डीएम ने एसडीएम दुद्धी को जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया है। इस बाबत नगर पंचायत पिपरी के अध्यक्ष दिग्विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पिपरी व आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा की सुविधा नहीं है। इससे लोगों को परेशानी होती है। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से पिपरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि यहां अस्पताल बनने से लभरी, मकरा समेत आसपास के गांवों को इसका लाभ मिलेगा।