रॉबट्सगंज स्थित नवीन सब्जी मंडी स्थित गेहूं क्रय केंद्र। संवाद
सोनभद्र। धान खरीद बंद होने केे बाद जिला प्रशासन की तरफ से अब गेहूं खरीद की तैयारी शुरू कर दी गई है। गेहूं खरीद के लिए अब तक छह क्रय एजेंसियों की तरफ से कुल 72 क्रय केंद्र बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री सिर्फ वहीं किसान कर सकेंगे, जो ऑनलाइन पंजीकरण कराएंगे। अभी शासन की तरफ से गेहूं खरीद का लक्ष्य तय नहीं किया गया है। हालांकि इस साल अधिक से अधिक गेहूं खरीद पर प्रशासन का जोर है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अमित कुमार चौधरी ने बताया कि इस बार छह क्रय एजेंसियां गेहूं खरीद करेंगी। अभी तक नाफेड की तरफ से चार, मंडी परिषद के दो, एफसीआई के दो, पीसीयू के छह, पीसीएफ के 25 और एफसीएस की तरफ से सर्वाधिक 33 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इस तरह से कुल 72 क्रय केंद्र अभी तक खोले गए हैं। हालांकि पिछले वर्ष 78 क्रय केंद्रों पर खरीद हुई थी। सभी क्रय केंद्रों पर 17 मार्च से गेहूं खरीद शुरू किए जाने की बात कहीं जा रही है। हालांकि अभी गेहूं की फसल तैयार नहीं होने से गेहूं खरीद में संशोधन भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शासन से अभी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है। जिले में अधिक से अधिक गेहूं खरीद की जा सके, इसपर जोर दिया जा रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बिक्री किए किसानों को गेहूं बिक्री के लिए भी पंजीकरण कराने के लिए अपील की जा रही है। इसके लिए विपणन विभाग के कर्मचारी किसानों को फोन करके पंजीकरण कराने की अपील कर रहे हैं। बता दें कि पिछले वर्ष सोनभद्र जिले में गेहूं खरीद लक्ष्य से भी कम हुआ था। बाजार में अधिक गेहूं का रेट अधिक होने की वजह से भी किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे थे। इसको ध्यान में रखकर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी इस बार गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बना रहे हैं। केंद्रों पर समय से कांटा, बोरा और तौल मशीन की सुविधा समय से किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि शासन की तरफ से इस साल गेहूं खरीद का समर्थन मूल्य 2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह पिछले वर्ष समर्थन मूल्य 2425 प्रति क्विंटल निर्धारित था। पिछले साल के मुकाबले इस साल 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। गेहूं बेचने के लिए किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराने में जुट गए हैं। अब तक 150 से अधिक किसानों की तरफ से ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा चुका है। किसानों को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिक से अधिक किसानों से गेहूं खरीद किया जा सके, इसके लिए पंजीकरण कराने के लिए किसानों से अपील की जा रही है।