चोपन। डाला क्षेत्र के लंगडा मोड़ पर खदानों के गड्ढों को पाटकर अब नए सिरे से जंगल बसाने की तैयारी है। इसका खाका खींचने के लिए बुधवार को भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भोपाल, एल्यूमीनियम एसोसिएशन व स्थानीय वन विभाग की संयुक्त टीमों ने बैठक की। इसमें प्रदूषित क्षेत्र के पर्यावरण को बेहतर बनाने की सभी संभावनाओं पर चर्चा हुई।
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के जंगल विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश मधगुनी ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य वन, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन से संबद्ध क्षेत्रों में प्रबंधकीय मानव संसाधन की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करना है। इसके लिए भारत सरकार के निर्देश पर हर स्तर से पहल की जा रही है, ताकि जंगल को बचाया जाय। जंगल बचाने के लिए खदान के गड्ढों में मौजूद पानी की सैंपलिंग की गई है। इससे पानी के गुणवत्ता की स्थिति की जांच होगी। जंगल बसाने के दौरान लाभ-हानि दोनों पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। जरूरत पर सर्वे भी कराया जाएगा। इस मौके पर आईआईटी बीएचयू से अरुण प्रसाद, एएआई से विनोद कुमार, डॉ. डीके सोनी, डायरेक्टर डॉ. सीपी काला, ओबरा डीएफओ अनुराग प्रियदर्शी, वन प्रभाग चोपन एसडीओ अभिषेक राय, वन रेंजर इन्द्रजीत पाल आदि मौजूद रहे।