पुलिस की हिरासत में ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान और अन्य। स्रोत पुलिस
- फोटो : पेड़ पर लाल फीता बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देतीं राज्य महिला आयोग की सदस्य। स्रोतः प्रशासन
घोरावल। कोतवाली क्षेत्र के विसुंधरी गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन की नापी के लिए भेजी गई टीम के कार्य में अवरोध खड़ा करते हुए नापी रोकना महंगा पड़ा। आरोप है कि प्रधान, पूर्व प्रधासिहित सात लोगों ने टीम के साथ दुर्व्यवहार किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने रविवार को सभी को गिरफ्तार कर लिया। सीएचसी में मेडिकल कराने के बए एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें विधिक अभिरक्षा में लेते हुए जिला कारागार भेज दिया गया। बताते हें कि विसुंधरी गांव में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम आशीष त्रिपाठी ने तीन दिन पूर्व राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित करते हुए नापी के लिए भेजा था। एसडीएम ने बताया कि वहां प्रधान सहित अन्य ने टीम को काम करने से रोक दिया। टीम के लोगों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि विसुंधरी निवासी देवदत्त ने इस प्रकरण की रविवार को तहरीर दी। प्राथमिकी दर्ज करते हुए विसुंधरी प्रधान राम केवल, पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार पाल, जिलाजीत यादव, अजय यादव, किशन कुमार, लवकुश और परमेश्वर यादव को गिरफ्तार किया गया। उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया जहां से जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। प्रधान राम केवल का कहना था कि बगैर भूमि प्रबंधन समिति को सूचना दिए टीम भेजी गई थी। इसलिए गांव के लोगों ने इसका विरोध किया था।