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पॉक्सो एक्ट: दोषियों को 4-4 साल की कैद

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सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट में रामजी मिश्र व धर्मेंद्र तिवारी को दोषी करार देते हुए 4-4 साल की कैद व 34 हजार 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। महिला दोषी रेनू मिश्र को एक साल की कैद और 27 हजार 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक शक्तिनगर थाने में दी तहरीर में पीड़िता के पिता ने दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 24 जुलाई 2017 को वह अपने घर में मौजूद था कि शक्तिनगर थाना क्षेत्र के चंदुआर गांव निवासी रामजी मिश्र दोपहर करीब डेढ़ बजे घर में घुस आए और उसे गाली देते हुए मारने पीटने लगे। इसी बीच उसकी बुआ रेनू मिश्र एवं उसका पति धर्मेंद्र तिवारी भी आ गए। ये लोग भी जातिसूचक शब्दों से गाली देते हुए मारने-पीटने लगे। शोरगुल की आवाज सुनकर कई लोग आ गए तब जान मारने की धमकी देते हुए चले गए। तहरीर पर मारपीट एवं एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना सीओ अनिल कुमार सिंह को दी। गई। विवेचना के दौरान वादी मुकदमा की नाबालिग बहन के साथ छेड़खानी किए जाने का मामला प्रकाश में आया। जिसपर छेड़खानी एवं पॉक्सो एक्ट के धारा की बढोत्तरी की गई। विवेचक ने पर्याप्त सबूत पाए जाने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी करार दिया। अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी दिनेश प्रसाद अग्रहरि ने बहस की।
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