पावर प्रोजेक्ट की भूमि पर किए गए 36 से अधिक अवैध निर्माणों पर बुधवार को बुलडोजर चला। पुलिस, पीएसी संग अफसरों की मौजूदगी के चलते बिना विरोध के कार्रवाई संपन्न हो गई।
शक्तिनगर पावर प्रोजेक्ट के क्षमता को तृतीय चरण के तहत विस्तार किया जाना है। यहां आठ- आठ सौ मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल यूनिटें स्थापित करने के लिए भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) को ठेका मिला है।
नई बिजली इकाइयों के लगने के बाद कोयला आधारित दो हजार मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट का कुल थर्मल विद्युत उत्पादन 3600 मेगावाट हो जाएगा। पावर प्रोजेक्ट की खाली पड़ी भूमि पर दशकों में हुए अवैध कब्जा को हटाया जा रहा है। बुधवार को ज्वालामुखी आवासीय परिसर के दो आवासों के साथ करीब 36 निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया।
इस दौरान मजिस्ट्रेट, पुलिस व पावर प्रोजेक्ट के अधिकारियों के साथ करीब दो सौ पीएसी जवानों, पुलिसकर्मियों के साथ निजी सुरक्षा कर्मचारियों को तैनात किया गया था। करीब तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान कोई विशेष अवरोध नहीं पैदा हुआ।
शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि तय लक्ष्य के अनुरूप ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करा दी गई। इससे पहले क्षेत्र के भवानी नगर रहवासी क्षेत्र में कार्रवाई की गई थी।