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Sonebhadra News: 48 घंटे में 13699 मेगावाट लुढ़की बिजली की मांग, बंद की गईं कई इकाइयां

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अनपरा तापीय परियोजना। संवाद
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अनपरा (सोनभद्र)। पिछले तीन दिनों से लगातार आंधी-बारिश से बदले मौसम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। तापमान में कमी आने से भी मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार की रात पीक ऑवर में बिजली की मांग घटकर 13878 मेगावाट पहुंच गई। मांग में कमी के चलते उत्पादन निगम की तीन परियोजना की इकाइयों से उत्पादन बंद करना पड़ा। बीते बृहस्पतिवार की देर रात पीक ऑवर में प्रदेश में बिजली की मांग 27577 मेगावाट थी। लगातार बारिश के कारण मौसम ठंडा हुआ तो शुक्रवार की देर रात पीक ऑवर में बिजली की अधिकतम मांग 6197 कम होकर 21380 मेगावाट पर पहुंच गई। वहीं शनिवार को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं, जिससे प्रदेश के कई जिलों में बिजली के तारों पर पेड़ गिर गए तो कहीं बिजली के खंभे ही टूट गए। इससे बिजली व्यवस्था ध्वस्त हुई। प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग में 7502 मेगावाट कम होकर 13878 मेगावाट और न्यूनतम मांग 9908 मेगावाट पर पहुंच गई। मांग कम होने से कई इकाइयों से उत्पादन बंद करना पड़ा और कई इकाइयों से उत्पादन घटाना पड़ा। इससे निगम को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बिजली की मांग कम होते ही लोड डिस्पैच सेंटर को उत्पादन निगम के हरदुआगंज की चार, जवाहरपुर की दो और पारिछा की चार इकाइयों से उत्पादन बंद करना पड़ा। इससे कुल 3505 मेगावाट का उत्पादन ठप हो गया। इसी तरह उत्पादन निगम की ओबरा तापीय परियोजना की पांच में से तीन इकाइयों को रिजर्व शटडाउन मोड पर रखा गया है। दो इकाइयों को तकनीकी कारणों से बंद करना पड़ा। वहीं अनपरा तापीय परियोजना की सभी इकाइयों को हाफ लोड पर संचालित किया गया। इस दौरान 1038 मेगावाट की थर्मल बैंकिंग कराई गई। वहीं निजी क्षेत्र की एमईआईएल अनपरा एनर्जी लिमिटेड की 1200 मेगावाट की दोनों इकाइयों से 521 मेगावाट का कम उत्पादन हुआ।
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