साधन सहकारी समितियों पर किसानों को खाद-बीज देने के साथ डीजल-पेट्रोल बेचकर व्यवसाय करने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए जिले में संचालित तीन साधन सहकारी समितियों पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन की तरफ से सर्वे तो कराया गया था, मगर ढ़ाई वर्ष बीतने के बाद भी सर्वे के बाद होने वाली कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं की जा रही है।
सोनांचल में संचालित साधन सहकारी समितियां (बी-पैक्स) पर किसान खाद-बीज की निकासी और केसीसी का लाभ लेते रहे हैं। करीब 46 समितियों पर धान, गेहूं की खरीद की जाती है। वर्ष 2021 में इन्ही समितियों में से तीन साधन सहकारी समितियों पर पेट्रोल पंप खोले जाने की योजना बनाई गई थी।
इसमें साधन सहकारी समिति बट बंतरा, नई बाजार और केकराही को शामिल किया गया है। भूमि की नापी भी कर ली गई थी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी इन समितियों पर पेट्रोल पंप खोलने की शासन स्तर पर कवायद चल रही है।