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ओडीओडी से जुड़ेंगे जिले के पिकनिक स्पॉट

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सोनभद्र। हर जिले के एक उत्पाद की तरह ही अब एक पर्यटन स्थल को भी विशेष पहचान मिलेगी। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वहां पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। जिले की पहचान के रूप में उसे व्यापक प्रचार-प्रसार भी मिलेगा। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट-वन डेस्टिनेशन (ओडीओडी) योजना के तहत जिले के कैमूर और रेणुकूट वन प्रभाग से ऐसे स्थलों का चयन किया गया है। इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया गया है। जल्द ही एक स्थल का चयन कर ओडीओडी के तहत उसके विकास को गति दी जाएगी। कोरोना काल के बाद से पर्यटन उद्योग को तगड़ा झटका लगा है। पर्यटकों की आवाजाही में कमी आई है। पर्यटन उद्योग को उबारने के साथ ही सरकार नई संभावनाओं पर जोर दे रही है। हर जिले में एक पर्यटन क्षेत्र विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की तर्ज पर ही एक जिला-एक डेस्टिनेशन (ओडीओडी) की योजना शुरू की गई है। इसके तहत हर जिले से एक पर्यटन स्थल का चयन किया जाना है। इसमें ईको टूरिज्म पर विशेष जोर है। सोनभद्र में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए वन विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार करा शासन को भेजा गया है। रेणुकूट वन प्रभाग ने कनहर के किनारे पर स्थित जोरकहू पिकनिक स्पॉट, हाथीनाला स्थित बायो डायवर्सिटी पार्क और बेलवादह में झील को ओडीओडी में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। तीनों ही स्थलों को एक साथ जोड़कर टूर पैकेज के रूप में विस्तारित करने की भी योजना है। वहीं कैमूर वन्य जीव प्रभाव की ओर से महुवरिया की ब्लैक बक घाटी का प्रस्ताव है। सोन नदी के किनारे स्थित महुवरिया घाटी में काले हिरणों को कुलांचे भरते देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। यहां सोन ईको वैली से ब्यूटी ऑफ सोन का नजारा भी अद्भुत है। माना जा रहा है कि ओडीओडी में शामिल होने के बाद इन स्थलों पर पर्यटकीय सुविधाओं का विस्तार होगा। आवागमन की सुविधा अच्छी होगी तो अन्य बुनियादी सुविधाएं भी बढ़ेंगी। इन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा।
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